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International Advanced Research Journal in Science, Engineering and Technology
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ISSN Online 2393-8021ISSN Print 2394-1588Since 2014
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आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका

सुधा कुमारी

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सारांश: महिला सशक्तिकरण विकासशील देशों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। यद्यपि महिलाएँ प्रत्येक समाज का अभिन्न अंग हैं, फिर भी आर्थिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी के बावजूद निर्णय-निर्माण में उनकी भूमिका सीमित बनी हुई है। महिला सशक्तिकरण और आर्थिक विकास एक-दूसरे से घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। एक ओर, केवल विकास ही महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानता को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है; दूसरी ओर, महिला सशक्तिकरण विकास में योगदान दे सकता है। विकास को ऐसी अवस्था के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें चीज़ों में सुधार हो रहा हो। हालांकि, इसकी परिभाषा विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक, जैविक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भाषा और साहित्य में अलग-अलग होती है। सामाजिक-आर्थिक संदर्भ में, विकास का अर्थ बेहतर शिक्षा, आय, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से लोगों की जीवनशैली में सुधार करना है। यह सांस्कृतिक और पर्यावरणीय कारकों पर आधारित आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की एक प्रक्रिया है। आर्थिक विकास से तात्पर्य देशों या क्षेत्रों की आर्थिक समृद्धि में ऐसी वृद्धि से है जो वहाँ के निवासियों के कल्याण के लिए हो। आर्थिक वृद्धि को अक्सर आर्थिक विकास के स्तर का एक संकेतक माना जाता है। आर्थिक वृद्धि शब्द का अर्थ वास्तविक राष्ट्रीय आय, सकल घरेलू उत्पाद (ळक्च्) या प्रति व्यक्ति आय जैसे विशिष्ट मापदंडों में वृद्धि (या बढ़ोतरी) से है। दूसरी ओर, “आर्थिक विकास” का दायरा कहीं अधिक व्यापक है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई राष्ट्र अपने लोगों के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक कल्याण में सुधार करता है। सामाजिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके परिणामस्वरूप सामाजिक संस्थाओं में इस प्रकार परिवर्तन होते हैं कि समाज की अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने की क्षमता बढ़ जाती है। इसका संबंध समाज के स्वयं को संगठित करने और अपनी गतिविधियों का संचालन करने के तरीके में गुणात्मक परिवर्तनों से है, जैसे जनसंख्या में अधिक प्रगतिशील दृष्टिकोण और व्यवहार अपनाना, अधिक प्रभावी प्रक्रियाओं को लागू करना, या अधिक उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। जैसा कि नीचे दिए गए चित्रण में देखा जा सकता है, पर्यावरण, जीवनशैली और प्रौद्योगिकी के बीच घनिष्ठ संबंध है।

मुख्य शब्द: महिला सशक्तिकरण, सामाजिक, राजनीतिक, जैविक, विज्ञान, बेहतर शिक्षा, कौशल, सांस्कृतिक, पर्यावरणीय, आर्थिक वृद्धि आदि। 

How to Cite:

[1] सुधा कुमारी, “आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका,” International Advanced Research Journal in Science, Engineering and Technology (IARJSET), DOI: 10.17148/IARJSET.2018.51210

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